16 अप्रैल 2026 - 11:50
उलमा दुश्मनों की साजिशों को नाकाम करने में प्रभावी भूमिका निभाएं

आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि वर्तमान दौर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक युद्ध का दर्जा रखता है, जिसमें विद्वानों की प्रभावी और सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

ईरान के हौज़ा ए इल्मिया के प्रमुख, आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने वर्तमान संवेदनशील परिस्थितियों को एक ऐतिहासिक युद्ध करार देते हुए उलमा व विद्वानों और धर्म गुरुओं से निर्णायक भूमिका निभाने, राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने और दुश्मन की साजिशों को विफल करने की अपील की है।

आयतुल्लाह अली रज़ा आराफी ने एक महत्वपूर्ण बयान में कहा है कि वर्तमान दौर एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक युद्ध का दर्जा रखता है, जिसमें विद्वानों की प्रभावी और सक्रिय भूमिका अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्वानों को चाहिए कि वे विलायत के साथ अपनी बैअत की तजदीद करें और सरकारी जिम्मेदारों के साथ-साथ सैन्य और प्रशासनिक संस्थानों का भरपूर समर्थन करें।

उन्होंने कहा कि विद्वानों को मैदान में जनता के साथ रहते हुए "जिहाद-ए-तबयीन" और "बलाग़-ए-मुबीन" के माध्यम से दुश्मन की साजिशों को नाकाम करना होगा। आयतुल्लाह आराफी ने आगे कहा कि इस समय सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी राष्ट्रीय एकता और एकजुटता को मजबूत करना, समाज में आध्यात्मिकता को बढ़ावा देना, प्रार्थना और ईश्वरीय भरोसे के माहौल को आम करना और अहले-बैत अ.स. से तवस्सुल को बढ़ाना है।

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